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*Wrong Identification -अस्मिता * श्री रामकृष्ण दोहावली (3) * जीव तथा बन्धन * तीन प्रकार की गुड़ियाँ हैं - एक नमक की , एक कपड़े की और एक पत्थर की। नमक की गुड़िया : मानो (जीव कोटि का मनुष्य ) अपने अस्तित्व को सर्वव्यापी विराट ब्रह्म के अस्तित्व में लीन कर उसके साथ एकरूप हो जाता है, मार्गदर्शन के लिए वापस नहीं लौटता । कपड़े की गुड़िया : मानो भक्ति रस से सराबोर उस माँ काली के भक्त मार्गदर्शक नेता 'C-IN-C नवनीदा' का प्रतीक है; जो भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करने के लिए निर्विकल्प समाधि का भी त्याग कर (अर्थात अपने व्यष्टि अहं को माँ जगदम्बा के मातृहृदय के सर्वव्यापी विराट 'मैं '-बोध में रूपांतरित कर) वापस लौट आता है ! पत्थर की गुड़िया : मानो बद्ध संसारी जीव की प्रतिक है *सभी मनुष्य स्वरूपतः सच्चिदानन्द ही हैं , अवस्थाभेद से चार श्रेणी के होते हैं --बद्ध , मुमक्षु , मुक्त और नित्यमुक्त ! मनुष्य वास्तव में सच्चिदानन्द-स्वरुप ही है, लेकिन अहं के आवरण से अपने यथार्थ स्वरुप को भूल बैठा है !

  श्री रामकृष्ण के उपदेश "अमृतवाणी " के आधार पर  स्वामी राम'तत्वानन्द रचित -श्री रामकृष्ण दोहावली   * जीव तथा बन्धन *    23   ...