रविवार, 8 अगस्त 2021

🔆🙏$ परिच्छेद ~ 91, [(19 सितंबर,1884) श्रीरामकृष्ण वचनामृत-91] Leavings from a jackal's meal * ~ तंत्र साधना में शिवानी का जूठन क्यों खाया जाता है ?*सर्व विष्णुमयं जगत् *The three stages —शास्त्र , गुरुमुख होना , साधना > Goal !* अब लौं नसानी, अब न नसैहों* (Be and Make) का संकल्प -ग्रहण ( प्रतिज्ञा-पत्र,Autosuggestion -form पर हस्ताक्षर *शंखचील (सफेद परवाली चील- या ब्राह्मण ) को देखकर लोग प्रणाम क्यों करते हैं *लोमश मुनि और काकभुशुण्डि~ प्रार्थना करोगे कभी मुझसे दूसरे की निन्दा न हो* Origin of Language-Philosophy of Prayer* मनुष्य बनने के लिए संस्कार (sacraments) और तपस्या (penance) की आवश्यकता * (Be and Make)/संस्कार (जन्मजात प्रवृति -inherent tendencies) को अभ्यास योग से बदलने) की बात। का संकल्प -ग्रहण ( प्रतिज्ञा-पत्र,Autosuggestion -form पर हस्ताक्षर* विजय कृष्ण गोस्वामी* मनुष्य बनने के लिए संस्कार (sacraments) और तपस्या (penance) की आवश्यकता * संन्यासियों का कठिन नियम~ लोकशिक्षार्थ त्याग* यहाँ आदमी क्यों आते हैं ? - वैसा पढ़ा लिखा भी तो नहीं हूँ ।*अवतार का आकर्षण* ईश्वर की लीला में योगमाया की सहायता से आकर्षण होता है, एक तरह का जादू-सा चल जाता है ।* गोपियों का प्यार क्या है, परकीया रति है *कृष्ण लीला में ~ 'गोपी प्रेम और वस्त्र हरण' ~ की व्याख्या *आधारों (special souls) की विशेषता* मलय-पर्वत की हवा के लगने पर भी बाँस चन्दन नहीं बनता * 1987 में झुमरीतिलैया से 10 लोगों ने नाम भेजे थे, उनमें से केवल तुम ही बेलघड़िया कैम्प कैसे पहुँचे ?* मनुष्य क्यों योगभ्रष्ट होता है ?*परकीया भोग (Bh) करने की लालसा*मन ही मनुष्यों के बन्धन और मुक्ति का कारण है* जन्मजात प्रवृति -inherent tendencies) को अभ्यास योग से बदलने की प्रक्रिया(अनासक्ति पूर्वक मनःसंयोग का -अभ्यास करो)*श्री राधिका गोस्वामी को सर्वधर्म -समन्वय का उपदेश *धार्मिक मेले में (Baroari या सार्वजनिक पूजोत्सव) अनेक तरह की मूर्तियाँ पायी जाती हैं*क्या ईश्वर प्रार्थना सुनते हैं ? साधना- लोमस मुनि जैसा मुझसे कभी दूसरे की निंदा न हो ! *गुरु (नेता-CINC नवनीदा ) और ईश्वर (माँ काली) के अवतार में अद्वैत बोध * गुरु पादुका और शालग्राम की पूजा* * श्री रामकृष्णदेव और नित्य-लिला योग की अवस्था *

(19 सितंबर,1884) श्रीरामकृष्ण वचनामृत-91]  *अभ्यासयोग*  (१)  महेंद्र के प्रति उपदेश - कप्तान की भक्ति और माता-पिता की सेवा] दक्षिणेश्वर में ...