रविवार, 13 जून 2021

🔆 🔆 🔆 🔆 🔆 परिच्छेद- 85, [(30 जून ,1884) श्रीरामकृष्ण वचनामृत-85 ] The Art of Teaching *ब्रह्म और शक्ति अभेद- माँ काली ही ब्रह्म है * मुक्ति की अपेक्षा त्रिलोकजयी भक्ति बड़ी है*/*शिक्षा देने का कौशल ~पढ़ने, सुनने और देखने का अनुक्रम (sequence)* विज्ञानी - (भक्त या 'नेता') कौन है ? जो ईश्वरदर्शन कर उनके आदेश को पाने के बाद शिक्षा देता है। विज्ञानी , भक्त या चपरास प्राप्त नेता आँखें खोलकर भी ईश्वर के दर्शन करता है । नित्य से लीला में आ जाता है और कभी लीला से नित्य में चला जाता है । " एई संसार मजार कुटी , आमि खाई दाई आर मजा लूटी।

*परिच्छेद ८५* (१)  [(30  जून ,1884)  श्रीरामकृष्ण वचनामृत-85 ] 🔆ज्ञानमार्गी पण्डित शशधर तर्क- चूड़ामणि को दूसरे दिन का उपदेश 🔆 श्रीरामकृष्ण...