रविवार, 16 अक्टूबर 2022

🔱परिच्छेद ~110, [( 11 मार्च 1885 ) श्रीरामकृष्ण वचनामृत-110 ] 🙏हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें । महिम चक्रवर्ती $$$$[>>आनन्द पालकीवाला, जानिबिघा का प्रश्न,(1) क्या ईश्वर और भगवान एक हीं हैँ या फिर दोनों में अंतर है? (After Fulwariya Day long discussion-4 Sept, 2022) 🔱गृहस्थ भक्त और रसददार बलराम बसु के घर में अन्तरंग भक्तों का सम्मेलन 🔱 "पश्यति तव पन्थानम्" ^ - मानो कोई अदृश्य शक्ति मुझे यहाँ खींच लायी है !`चकित दृष्टि से तुम्हारे आगमन-पथ की ओर देखने लगते हैं' ~जयदेव का श्रीगीतगोविन्दम्‌ 🔱श्रीरामकृष्ण तथा 'वासना और धनलोभ-त्याग' की पराकाष्ठा/Chhota Naren doesn't know what carnal relations pleasure is ? 🙏🔱अवतारवाद तथा श्रीरामकृष्ण* हिंदू देवता (विशेषकर विष्णु) की अलौकिक मानव, महामण्डल संगठन या 'पशु ,(मत्स्य-वाराह आदि) रूप' में अभिव्यक्ति को अवतार कहते हैं। "अनंत की अनुभूति "[অসীমের উপলব্ধি/PERCEPTION OF THE INFINITE] 🙏 शुद्ध मन -शुद्ध बुद्धि अर्थात आत्मा के द्वारा परमात्मा का साक्षात्कार/[চৈতন্যের (i.s. শুদ্ধ মন - শুদ্ধ বুদ্ধি) মাধ্যমে চৈতন্য (অস্তিত্ব-চেতনা-আনন্দ) উপলব্ধি!][Realization of Chaitanya (Existance -consciousness-bliss) through Chaitanya i.e. Pure mind - pure intellect !] 🙏गिरीश भी नरेन्द्र को इस तर्क [क्या ईश्वर मनुष्य रूप में अवतरित होते हैं ? में परास्त नहीं कर सकते थे 🙏अन्न की चिन्ता बड़ी बिकट होती है🙏भक्तों के संग प्रभु की कीर्ति का गान (स्तुति) सुनने की इच्छा और श्री रामकृष्ण 🙏यमलार्जुन वृक्षों के पूर्वजन्म की कथा.🙏"3H"-विकास के 5 अभ्यास की खबरें लेकर काम करना चाहिए - तभी तो वस्तुलाभ होगा"🙏वासना और लालच में आसक्त मनुष्य गिद्ध समान नेता उड़ें ऊँचा पर नजर ब्रह्म या मरघट 🙏*गोधूलि बेला में श्रीरामकृष्ण की प्रार्थना*🙏नेता -जगतगुरु श्रीरामकृष्ण के मानवशरीर धारण करने का कारण🙏*राजपथ (कर्तव्यपथ ?) पर श्रीरामकृष्ण का अद्भुत भावावेश🙏वेदवाक्य या देववाणी/"यह (देही) ही उस (दूसरे) देह में भी है, इसीलिए कोई पराया नहीं सभी अपने हैं !🙏*नित्यगोपाल से अख़बार के विषय में वार्तालाप “तू आया है ? मैं भी आया हूँ ।”[जबकि 'मैं' महामण्डल मेंआया नहीं हूँ, लाया गया हूँ !??] 🙏अवतार वरिष्ठ श्री रामकृष्ण का अपने लीला -पार्षदों के संग अवतार के सम्बन्ध में विचार🙏Coordinate geometry (निर्देशांक ज्यामिति)/हमलोग जागृत जानते हैं , स्वप्न जानते हैं, सुषुप्ति जानते हैं, लेकिन यह समाधि या अनन्त में खो जाना क्या होता है ? 🙏आचार्य रामानुज और विशिष्टाद्वैतवाद- नेति से इति 🙏*ईश्वरदर्शन । अवतार दिखाई देते हैं*🙏दिव्य रहस्योद्घाटन, इलहाम 'प्रेम अवतार वरिष्ठ' की मनुष्य लीला 🙏नरेंद्र को उपदेश — काली ही ब्रह्म🙏जनकराजा का आत्मसाक्षात्कार और कर्म - राम और काम 🙏*ईश्वरदर्शन (=अवतारवरिष्ठ दर्शन) तथा विचार-मार्ग*🙏ब्रह्मानन्द - में गरगर मतवाला श्री रामकृष्ण का आशीर्वाद🙏देह निःस्पन्द {transfixed} हो गयी - श्रीरामकृष्ण समाधिमग्न !🙏*सेवक के हृदय के विचार*[आध्यात्मिक -अध्यापन का वास्तविक पुरस्कार >अपने हृदय में कृतार्थता का आनन्द अनुभव करना है।🔱 प्रवृत्ति मार्ग और निवृत्ति मार्ग दोनों धर्म हैं🔱मनुष्य का वास्तविक और प्रातिभासिक स्वरुप'THE REAL AND THE APPARENT MAN' 🙏ब्रह्म मनन का विषय नहीं हो सकता --- यही ब्रह्म का मनन है।🙏हर देश में तू हर भेष में तू। ......

🔱 *परिच्छेद~ ११० (१)  [( 11 मार्च 1885 ) श्रीरामकृष्ण वचनामृत-110 ] 🙏卐 गृहस्थ भक्त और रसददार बलराम बसु के घर में अन्तरंग भक्तों का सम्मेलन...