Friday, April 2, 2010

जीवन नदी के हर मोड़ पर [8] " विश्व के इतिहासकारों इतिहास "

 " विश्व के इतिहासकारों इतिहास "
सतीशचन्द्र दास ( सतीश चन्द्र मुदी) मास्टरमशाई (शिक्षक-महोदय) स्कूल में बंगला पढ़ाते थे| उन दिनों मैं क्लास टेन में पढता था, एक दिन की घटना याद आती है, स्कूल में छुट्टी हो गयी है, सभी लड़के घर चले गये हैं, वे पढ़ा रहे हैं| क्लास के बाद एक घंटा और बीत गया है, हमलोग स्टेचू के जैसा मंत्र मूग्ध होकर उनको सुन रहे हैं, स्कूल कब खाली हो गया पाता तक नहीं चला | उनके पढ़ाने का तरीका भी असाधारण था| लड़के उनको ' मुदी मास्टर ' कहते थे, यह हेडमास्टर महोदय (पितामह ) को अच्छा नहीं लगता था| उन्होंने उनको ' मुदी ' न लिख कर 'दास ' लिखने को कहा|
एवं उसके बाद से वे वही लिखने लगे| उनके मुख पर किसी बात की नाराजगी नहीं दिखती थी| सेवा करना क्या होता है, पितामह की वैसी सेवा इन्होने कर के दिखाया है| पिउन के न रहने पर वे पितामह के थाली-ग्लास भी माँज दिया करते थे| 
नाईन और टेन क्लास को स्कूल के ' सहायक प्रधान-शिक्षक ' तारेश चन्द्र कर महोदय - इतिहास का विषय पढाया करते थे। वे गम्भीर प्रकृति के व्यक्ति थे, किन्तु छात्रों से बहुत प्रेम करते हैं- यह उनके व्यवहार से प्रकट हो जाता था| वे स्कूल में कत्थई रंग का कुरता और धोती पहन कर आया करते थे| क्लास नाईन और टेन के लडकों को इतिहास पढ़ाते थे|
उस समय हमलोग क्लास टेन में थे, वे एक दिन पढ़ाते-पढ़ाते एक पिउन को बुलाये और एक स्लिप में कुछ लिख कर दिये| वह लाइब्रेरी से - " Historian's History of the World " का एक खण्ड ले आया|


 
The Historians' History of the World
वे जिस विषय को उस समय पढ़ा रहे थे, उससे संबन्धित अंश को उसी खण्ड में से खोज कर निकाले- और उसमे से पढ़ कर लडकों को समझा दिये|स्कूल में इतिहास के विषय को पढ़ाने में वे इतने सतर्क रहते थे! अक्सर ही उनको देखता था कि वे क्लास में आने के पूर्व हौल में टहलते टहलते कोई पुस्तक पढ़ रहे होते थे| 
===============
[Title page.
The Historians' History of the World, subtitled A Comprehensive Narrative of the Rise and Development of Nations as Recorded by over two thousand of the Great Writers of all Ages, is a 25-volume encyclopedia of world history originally published in English near the beginning of the 20th century. 
It is quite extensive but its perspective is entirely Eurocentric. It was compiled by Henry Smith Williams, a medical doctor and author of many books on medicine, science, and history, as well as other authorities on history, and published in New York in 1904 by Encyclopædia Britannica, it was also published in London printed by Morrison & Gibb Limited, of Edinburgh.Others involved were historian Walter Lynwood Fleming, and Rupert Hughes as editor.]
=======================

 

 

No comments: