Thursday, April 1, 2010

चार ही वर्षों में स्कूली शिक्षा समाप्त ' जीवन नदी के हर मोड़ पर 6]'


बचपन में घर पर रहते समय हमलोगों को पढ़ाने लिखाने की अलग से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गयी थी| दो-चार दिन के लिये घर पर पढ़ाने के लिये, एक-दो लोग आये जरुर थे, किन्तु आते ही बाबूजी को या पितामह से कहने लगते -" आमादेर आसते बलबेन ना, उरा पड़बे ना "! -हमलोगों को और आने मत बोलियेगा, ये दोनों पढने वाले नहीं हैं!"
मेरे बड़े भाई उम्र में मुझसे बहुत ज्यादा बड़े नहीं थे, मेरे दादा (बड़े भाई) और मेरी उम्र में २ वर्ष से भी कम का अन्तर था| 
इस प्रकार घर में रहकर पढाई करने की कोई खास व्यवस्था न हो सकी थी| आजकल जैसे तीन वर्ष होते न होते स्कूल भेज दिया जाता है, उस प्रकार बचपन से ही स्कूल जाने की बात तो दूर रही, हम दोनों भाइयों ने अपने बचपन में कभी स्कूल का मुख तक नहीं देखा था| थोड़ा बड़े होने पर माँ पितामह को कहने लगीं- ' इन लोगों के पढने लिखने की कोई व्यवस्था नहीं करेंगे ?' उन्होंने कहा - ' हाँ हाँ, होगा '| पहली बार सीधा आन्दुल-मौड़ी के स्कूल के ' क्लास सेवेन '(7th) में ही नाम लिखवाया गया| हमदोनों भाई एक क्लास में, एक साथ पढ़े हैं| क्लास सेवेन,ऐट, नाइन और टेन चार वर्ष की शिक्षा में- स्कूल की पढाई समाप्त हो गई थी|
 किन्तु उस समय के शिक्षक भी कैसे कैसे थे ! ' अमलराय मास्टरमशाई ' (अमलराय मास्टरमहोदय)- हमलोगों को अंग्रेजी पढाया करते थे| उन्होंने हमलोगों को क्लास सेवेन में ही अंग्रेजी का ग्रामर और Conjugation इत्यादि को इतने अच्छे तरीके से समझा दिया था, कि अंग्रेजी का जड़ ही मजबूत हो गया|
 सुबोध कुमार चटखंडी महोदय हमलोगों को भूगोल पढ़ाते थे| उनका भारीभरकम चेहरा था, वे जब क्लास में आते तो एक हाथ में बहुत बड़े साइज़ का लपेटा हुआ मैप (भौगोलिक नक़्शे) का बंडल हुआ करता और दूसरे हाथ में एक बेंत| प्रथम दिन जब उनको देखा तो मन में विचार उठा, ' उ बाबा - इनि कि आबार बेंत दिये मारबेन नाकि ? ' ( अरे बाप, ये इस बेंत से मारेंगे क्या ?) ' उमा ता नय ' (अर्थात वैसी कोई बात नहीं थी)| 
प्लेटफॉर्म के ऊपर शिक्षक के बैठने के लिये टेबल और चेयर है, बगल में एक ब्लैकबोर्ड रखा है, जिस दिन जिस देश के बारे में पढ़ाना होता, उस दिन उसी देश का मैप ब्लैकबोर्ड के ऊपर टांग देते थे| और चेयर के ऊपर बैठे बैठे उस बेंत के द्वारा नक़्शे पर उस स्थान विशेष को दिखा दिखा कर पढ़ाते थे|
उनके पढ़ाने का तरीका भी अलग ही ढंग का था |बीच बीच में पढाये गये अंश के बारे में पूछ भी लेते थे- ' तूमि बलो ' ! अर्थात ' तुम बताओ अभी मैं क्या पढाया ?' 
जो लड़का उत्तर न दे पाता उसे खड़े ही रहना पड़ता था, फिर उसके बाद वाले लड़के की बारी आती -
' तूमि बलो '! वह भी खड़ा रह गया, फिर ' तूमि बलो ' वह भी खड़ा रह गया | अब चौथे लड़के की बारी आयी- ' तूमि बलो '! हो सका तो उसने ठीक ठीक बता दिया| तब मास्टर महोदय उसको आदेश देते-
 " काने पाक थाबड़ा लागाउ "! (अर्थात कान ऐंठ कर हलके से चपत लगाओ !) 
तात्पर्य यह कि सही उत्तर देने वाला - उन लडकों के कान ऐंठ कर आस्ते से चपत लगाएगा जिन्होंने सही उत्तर नहीं दिया है| यह उनकी अपनी निराली पद्धति थी| एक दिन मेरा भी दुर्भाग्य हुआ| मेरे पहले बैठे कई लड़के सही उत्तर नहीं दे सके, तो मुझको आदेश दिये- " काने पाक थाबड़ा लागाउ "! 
आवाज को धीमा रखते हुए, पूरी विनम्रता के साथ मैंने कहा, ' सर, यह कार्य मैं नहीं कर पाउँगा, यह करने मुझे मत कहिये गा|'उस दिन के बाद भूगोल की कक्षा में से- " काने पाक थाबड़ा लागाओ " की प्रथा, अर्थात " कनैठी देकर थपड़ीया दो " वाली प्रथा का अन्त हो गया |
 ( English Verb Conjugation and Inflectional Morphology
Conjugate a verb or find all forms of a word. This interface provides inflectional variants for words in a large English dictionary. It is not necessary to know the lemma of a word or the infinitive form of a verb. If you input the word "went", for example, the interface provides the conjugation for the verb "go". Similarly, entering the word "child" displays the singular, plural, and possessive forms of the word. Words that have multiple parts of speech, e.g., "stop", display both the noun and verb paradigms. Adjectives and adverbs display the positive, comparative, and superlative forms. Spelling aid is provided for words that cannot be found in the dictionary. English Conjugation of the Verb "to be"
Grammatical conjugation of a verb requires making a systematic list of all forms of the verb for each person, number, and tense. The verb "to be" is the most irregular verb in English.)

    







































































































































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